मेरा बचपन

वो यारों की यारी में सब भूल जाना
और डंडे से गिल्ली को दूर उड़ाना
वो होमवर्क से जी चुराना
और टीचर के पूछने पर बहाने बनाना
मुश्किल है बचपन को भुलाना
वो एग्जाम में रट्टे लगाना,
फिर रिजल्ट के डर से घबराना!
वो दोस्तों के साथ साईकिल चलाना!
वो छोटी-छोटी बातो पर रूठ जाना
मुश्किल है बचपन को भुलाना

                                       - अमरदीप साहू "दीप"

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